उन्होंने अपने सर के बालों को पीछे की तरफ हल्का सा बांधा हुआ था. बस अब घर में हम दो लोग ही थे और हम दोनों बहुत प्यार से रहते थे.दोस्तों कुछ दिन पहले मेरे कॉलेज में सभी प्रोफेसर्स ने हड़ताल कर दी जिसकी वजह से अब मेरी एक हफ्ते के लिए पढ़ाई बंद थी इसलिए मैंने मन ही मन सोचा कि क्यों ना में अपने घर पर चला जाऊँ? XXX Hindi मम्मी के मुहं से थोड़ा तेज़ आवाज़ में वाहहहह निकला और इधर मेरा हाथ मेरे लंड पर तेज़ होने लगा.फिर मौसा जी ने धक्का मारा और फिर उनका पूरा लंड मम्मी की गांड के अंदर चला गया और अपना पूरा लंड मम्मी की गांड के अंदर करने के बाद मौसा जी करीब दो मिनट तक मम्मी की चिकनी गोरी बेदाग और चिकनी पीठ को चूमते रहे.मम्मी अपनी सुंदर आखें बंद किए आने वाले धक्को का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी और यह सब देखकर मेरे लंड दिल और दिमाग़ का बहुत बुरा हाल हो चला था. मेरा नाम अरुण है और में 19 साल का हूँ. उन्होंने अपने सर के बालों को पीछे की तरफ हल्का सा बांधा हुआ था.















