भारतीय गर्मी और लोला फॉक्स का पूल के पास गर्मजोशी से भरा त्रिगाम

कब ले रही है उनका लंड चूत में?रिंकी :=हाय रे क्या बताऊ दिल तो करता है अभी ले लू।मैं:=तू न बावरी हो गयी है बेशरम….हम दोनों हँसने लगी। और फिर ऐसे ही छेड़छाड़ हँसी बाते होती रही।नानाजी हमारी हरकते बड़ी गौर से देख रहे थे। उनके चहरे पे एक अलग तरह की ख़ुशी झलकने लगी थी। वो खाना खाके खेत में चले गए। हम भी खाना खाके थोड़ी मस्ती की और थोडा सुस्ता लिया। फिर शाम को फिर खेतो की ओर निकल पड़े। सोचा आज भी कुछ देखने को मिल जाय पर नानाजी कुछ काम करवा रहे थे। हमें देख के वो हमारी तरफ आये। हमे तो बड़ी मायूसी हुई। नानाजी आप यही है??मेरे मुह से यकायक निकल गया।नानाजी:=क्यू कही और होना चाहिए था क्या मुझे ?उस खेत में?मेरे और रिंकी के होश उड़ गए हमने एक दूसरे की और देखा हम दोनों की आखो में इक ही सवाल था कही नानाजी ने कल हमें देख तो नहीं लिया?नानाजी:=ऐसे क्या एक दूसरे की और देख रहे हो। चलो आओ इधर ।हम नानाजी के पीछे पीछे चलने लगे।मैं:= यार लगता है नानाजी ने हमें कल देख लिया।रिंकी:=मुझे भी ऐसा लगता है। देख न कल से ही तो वो हमसे कैसे बर्ताव कर रहे तुझे और मुझे छूने की कोशिश और सुबह भी तो….मैं:= हा यार सही कह रही है तू।पहले कभी उन्होंने ऐसा

भारतीय गर्मी और लोला फॉक्स का पूल के पास गर्मजोशी से भरा त्रिगाम

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