फिर नेक पर किस करूँगा।‘फिर..’‘फिर तुम्हारी शर्ट की चैन खोलूंगा..’मैं ये शब्द बहुत डरते-डरते बोल रहा था।वो- और.. प्लीज़ मुझे चोद दो..उसके बाद ही हम मिले थे। क्यूंकि ऐसे बहुत बार होता है कि सेक्स कर लिया तो हम दोनों जन्म-जन्मांतर के साथी बन गए.. XXX Hindi उस पर थोड़े से बाल उगे थे और चूत थोड़ी सी सांवली सी गेहुआं से रंग की थी। मैं आज बहुत खुश हुआ.. आइसक्रीम खाई और मैं उसे उसके घर से थोड़ा दूर छोड़ आया। उसका दूसरे दिन फ़ोन आया, वो बोल रही थी- थैंक्यू.. मैं उस हसीन चीज को देखता ही रह गया।उसके चूचे एकदम नरम एकदम शेप में थे.. तो 3 दिन बाद सब सैट हुआ। फिर से तैयारी की शुरुआत हुई, वो डरते-डरते आई।हम दोनों दोस्त के फ्लैट पर मिले.. पर करता भी तो क्या। उसे अगले दिन के लिए मनाया.. कहानी लिखते वक्त ऐसे लग रहा था.. मैं तुम्हारी फड़कती चूत को देख कर अपना लौड़ा हिला रहा हूँ.. मुझे कभी छोड़ो मत..मैं- नहीं छोड़ूंगा.. मैंने उसे बाँहों में भर लिया.. ये तो मेरी चूत को पूरा फाड़ देगा.. एक अलग ही महक थी। अब वो घड़ी आ गई.. कपड़ों के बाहर से इतने बड़े नहीं लगते थे.. पर प्रॉब्लम बहुत बड़ी थी। हम एक दूसरे से 1 साल बाद मिलने वाले थे.. 24 साल तक..















