तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में अन्दर घुस गया और दीदी के मुँह से ‘आआ..आआआअ’ निकल गई। मैं रुका नहीं और एक और जोरदार झटका दिया और मेरा पूरा लंड दीदी की चूत में समा गया।उसके बाद मैं झटके पर झटका लगाता रहा और कमरे में ‘फ़च.. उदास क्यूँ हो?मैं बोला- मुझे खीर खाना है लेकिन घर में दूध नहीं है।फिर दीदी वहाँ से चली गईं और कुछ देर बाद आई और कहा- खीर खाना है?मैंने कहा- हाँ..तो दीदी ने कहा- ठीक है..यह सुन कर दीदी चली गईं और करीब 1 घंटे बाद दीदी खीर लेकर आईं तो मैंने पूछा- दूध तो था नहीं..तो दीदी ने कहा- बेबी वाला दूध है.. हिंदी XXX हम तब तक बातें कर लेते हैं। मैं एक घंटे के बाद कमरे में गया.. बताइएगा जरूर.. अब रहा नहीं जाता।फिर क्या था.. उसके बाद दीदी ने हाथ बढ़ा कर मेरा लंड पकड़ लिया और पैंट में से निकाल कर सहलाने लगीं। देखते ही देखते मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया और दीदी उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं। कुछ ही पलों में हम दोनों 69 में हो गए और अब मैं भी उनकी बुर चूस रहा था। वाह क्या नज़ारा था.. और एक ज़ोर का झटका दिया.. तो बड़े होने पर क्या होगा..तो दीदी ने कहा- इसकी बीवी बहुत खुश होगी।विनीता ने कहा- मैं अपनी बहन से















