मुझे सिखाने के लिए।इस पर मुस्कान ने मुझसे कहा- कभी मैं न हुई तो?मैंने कहा- अभी तुम मुझे अच्छी तरीके से तैयार कर देना।मुस्कान ने कहा- ठीक है.. खाश तौर पर ऐसी नाईट-ड्रेस में तो किसी को नहीं..तो मुस्कान ने मुझसे पूछा- ऐसा इस ड्रेस में क्या है?तो मैंने कहा- ड्रेस में नहीं.. हिंदी XXX जरा मेरी इस ब्रा के हुक को खोल कर.. लेकिन मुस्कान ने मुझे कुछ नहीं कहा। थोड़ी देर बाद हम घर पर आ गए। मुस्कान अपने कपड़े बदल कर रसोई में चली गई। मैं भी कपड़े बदल कर हॉल में टीवी देखने बैठ गया।तभी मुस्कान ने मुझे बुलाया- रंजन जरा रसोई में आना।मैं खड़ा होकर रसोई में चला गया। मैंने देखा मुस्कान ने बिल्कुल ही पतला सा नाईट-गाउन पहन रखा है.. तभी एकदम से मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और मेरे लौड़े से कुछ रस सा निकला.. लेकिन किसी और के साथ ऐसे मत करना.. मैं सब सिखा दूंगी।यह कहकर मुस्कान मेरे पीछे खड़ी हो गई जिससे मुस्कान के मम्मे मेरी कमर में चुभने लगे, मुझे बहुत आनन्द आ रहा था।तभी मुस्कान ने मुझसे कहा- बस में तुम क्या कर रहे थे?मैंने कहा- कुछ नहीं.. घर पर ही तो हो..















