और फिर हम दोनो एक दूसरे को चूमती ओर चाटती हुई सोने का नाटक करने लगी.सुबह जब मैं उठी और बाबूजी के लिए चाइ ले कर गई तो मैने देखा कि पहले के विपरीत आज बाबूजी नहा कर तैयार हुए नही बैठे थे बल्कि लूँगी पहने हुए बैठे थे. हिंदी XXX दीदी ने बाबूजी से कहा कि बाबूजी आप तो बहुत प्यार से चूत को चाटते हैं तो बाबूजी बोले की सिर्फ़ चाटते ही नही चोद्ता भी बहुत प्यार से हूँ और सुनो तुम्हारी भी 10 या 11 इंच का लॉडा खाने की तमन्ना आज पूरी कर दूँगा.तो दीदी बोली कि बाबूजी आप को मेरी तमन्ना का कैसे पता तो वो बोले कि मैने रात सब कुछ सुन लिया था. हम तो चाहती यही थी सो मैने कहा कि ठीक है मैं आप के लिए दूध ले कर आती हूँ तो बाबूजी ने कहा कि रूको तो मैं रुक गई.तो बाबूजी ने दीदी को एक तरफ लिटा दिया और मुझे बाजू से पकड़ लिया और कहने लगे कि आज मुझे वो दूध नही पीना है बहू आज तो मुझे तुम दोनो का दूध पीना है और इतना कह कर उन्होने मुझे बाहों मे भर लिया और मेरे होंठ चूसने लगे तो मैने कहा कि बाबूजी आप ये क्या कर रहे हैं तो वो बोले की मैं तुम दोनो से प्यार करना चाहता हूँ.मैने कहा















