घर में एक मस्त मस्त भाभी आई. हिंदी XXX कुछ नही समझती थी. उन्होंने भैया को बिस्तर पर खिंच लिया था.अपने हाथों से उनकी शर्ट के बटन वो खोलने लगी. और कमर में एक पतली सी चांदी की कमर बंद थी. ऑफिस में तुम्हारी मुझे कितनी याद आई’ भैया बोले और उन्होंने भाभी के गोरे गोरे कन्धों को चूम लिया.अच्छा!! वो गजब का चोदने लायक माल थी. उस दिन शुक्रवार था. ‘कमल! मिशा भाभी उसे किसी मंदिर का प्रसाद समझ के चाटने लगी. मुझे तेरे भैया से कुछ जरुरी काम है! हम दोनों में खूब पटती थी. भाभी का सिर उपर की ओर था.वो अपने नथुने से गरम गरम साँसें छोड़ रही थी. घर में एक मस्त मस्त भाभी आई. भाभी के नाक की कील में लगा नग चमक रहा था. फिर एक दिन मैंने भी ठान लिया की मैं जानकर रहूंगी की आखिर भाभी को भैया से कौन सा काम रहता है. भैया से भाभी को बाहों में भर लिया था.मिशा भाभी ने स्लीवलेस कन्धों से खुली चटक नीली रंग की साड़ी पहन रखी थी. बस यहीं! अब हमेशा की तरह मैं घर पर अकेली नही थी. कास ऐसा होता की कमल भैया भाभी की तरह मुझे भी कसके चोदते तो मैं कितना मजा मारती. अभी नई नई शादी हुई थी. कुछ देर बाद भाभी चुदासी हो गयी.कमल!!















