आप मेरी बहन के दूध पी लीजिये!!” मैं कहने लगा और ताली बजाने लगा।जबकि मुझे इस बात पर नही हँसना चाहिए था क्यूंकि अंकल मेरी बहन की इज्जत लूटने वाले थे, उसे किसी माल की तरह रगडकर चोदने वाले थे। ये कोई अच्छी बात नही थी। पर दोस्तों, मैं नादान और नासमझ लड़का था। अपनी बहन को चुदते देखना कोई अच्छी बात नही होती है।पर मैं इस सब को कोई गेम समझ रहा था। रविन्द्र अंकल मजे से मेरी बहन की छातियाँ बदल बदलकर पी रहे थे। वो जन्नत के मजे लूट रहे थे। हाथ ने शोभा के टमाटर को मन चाहे तरह से दबा रहे थे। मेरा लंड भी ये सेक्सी गेम देख कर खड़ा हो रहा था।फिर अंकल के हाथ धीरे धीरे मेरी बहन की पतली कमर की तरफ बढ़ने लगे। अंकल ने शोभा के पतले पेट और कमर पर काई बार कामुक अंदाज में हाथ फेरा और जे लेकर चिकनी कमर को सहलाने लगे। फिर अंकल ने शोभा को सोफे पर लिटा दिया और उसके पतले पेट को चूमने लगा।मैं १४ साल का था, कुछ नही जानता था की ये सब क्या हो रहा है, पर मुझे इस गेम में खूब मजा मिल रहा था। फिर अंकल बड़ी देर तक शोभा के पेट सहलाते रहे। शोभा सोफे पर लेट गयी। अंकल उसका पेट चूमने लगे। बड़े सेक्सी और कामुक















