और उसे साफ करने लगा.. हिंदी XXX मैंने अपना अंडरवीयर भी नीकाल दीया.. अपनी चूची और चूतर दिखा दिखा के..अब उन्होने चूसना शुर कीया मैं तो जन्नत मे पोहुच गया था..ऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् बजीईईईईईई मज़ा आ रह है……… थोड़ी देर बाद मुझे लगा की मेरे गोटीयों मे सुजन आ रही है मेरा हो जाएगा… मैंने भाभी को उठाया और बेड पर लीटा दिया. ……ऊओह्..और भाभी मुझसे दूर हटने लगी.. क्या मस्त चुचीयां है… मेरी बीवी की इनके सामने कुछ भी नही…भाभी बोली आओ..“भाभी आपका फ़ोन बंद है क्या.”“मालुम नही, वैसे बहुत देर से कीसी का फ़ोन आया नहीं.”मैं फ़ोन का रेसिएवर उठाया. ये उन्होने सोचा भी नही था.. ये मत करो..”लेकीन मेरा सर उन्होने अपनी छाती पर दबा लीया. दोनो जांघों के बीच एक लकीर.. मैंने पूरी खोली , उसे वही फेका और अंडरवीयर मे उनके पीछे भगा वो अपने बेड रुम मे घुस गयी दरवाजा बंद कर दीया…मैं दरवाजे के पास गया और हलके से धकेला….दरवाजा खुल गया भाभी वैसी ही बेड पर उलटी लेटी हूई है.. सोचा अगर इसे भी चीकनी कर लू तो.. तभी भाभी से नही रहा गया और खुद मेरे लंड को हाथ मे पकड़ा और अपने चुत के दाने पर रगड़ने लगी…. मेरे सामने उसकी हरकते बड़ी मादक होती थी, छेडछाड और मज़ाक वगैरह, कभी कभी ऐडलट जोक्स भी.















