यह स्टोरी मेरी खुद की है जो की सेक्स के प्रति बहुत ही आकर्षित होता है. मुझे बहुत ही टाइम लगा ऐसा करने में पर धीरे धीरे मैं उनके बूब्स का मजा लेते हुए उनके निप्पल्स को जैसे ही अपनी उंगलियों में लिया वह मानो की मेरा ड्रीम ही पूरा हो गया हो. हिंदी XXX ऐसा शायद मैंने होश में पहली बार किया था मम्मी के साथ. मुझे डर था की मम्मी शायद जग न जाए इसलिए मैं ज्यादा बूब्स को प्रेस नहीं कर रहा था. थोड़ी देर तक मैंने हाँथ को उनकी जाँघों में ही रखा रहा. अब मैं हिम्मत कर के अपने हाथ उनके पेटीकोट में ले गया मुझे डर लग रहा था की अगर मम्मी की नींद खुल गयी तो क्या होगा.पर मेरे सर पे मानो आज मम्मी से मजा लेने का भूत सवार था. मेरी उम्र अभी 27 साल की है और मेरी मम्मी की उम्र अराउंड 45 साल है. उनकी सबसे अच्छा आकर्षण मुझे उनका बूब्स देखना लगता है. थोड़ी देर तक मैंने हाँथ को उनकी जाँघों में ही रखा रहा. अब मैं हिम्मत कर के अपने हाथ उनके पेटीकोट में ले गया मुझे डर लग रहा था की अगर मम्मी की नींद खुल गयी तो क्या होगा.पर मेरे सर पे मानो आज मम्मी से मजा लेने का भूत सवार था.















