सुनहरे बालों वाली हसीना को मिला वो, जो उसने माँगा था—सख्त और गहरा

मेरा नाम अनुपमा है आज मैं अपने बड़ी बहन की सुहागरात की कहानी आपके सुना रही हू, क्या क्या होता है सुहागरात के दिन और क्या हुआ मेरी बड़ी बहन के साथ आज मैं आपको सब कुछ बताऊँगी क्यों की ये मंज़र मैने पूरी रात देखी, मेरे जीजू और दीदी को ये बात पता नही था की मैने उनके पहली रात की चुदाई मैं अपनी आँखो से देखी. हिंदी XXX शादी की रात को मैं दूसरे कमरे मे छुप गयी दोनो कमरे के बीच मे भी एक दरवाजा था, उसमे एक बीच मे करीब १ इंच का होल था मैने दूसरे कमरे मे जाके कुण्डी बंद कर ली और लाइट भी बुझा दी.फिर मैने बीच बाले दरवाजे के पास कुर्शी लगाई और आराम से बैठ गयी, मेरी दीदी कमरे मे अकेले बैठी थी, चारो ओर गुलाब का फूल से सज़ा हुआ कमरा और पलंग था, दीदी घुघाट मे बैठी थी, तबी जीजू अंदर आए और पलंग पर बैठ के दीदी का घूँघट उठाया दीदी अपना सर झूका के बैठी थीं.फिर जीजाजी ने दीदी के लिए एक सोने का चेन और एक उंगूठी पहनाई और गले से लगा लिया, मेरी धड़कन तेज हो रही थी पानी प्यास जल्द जल्द लगने लगी, फिर जीजा ना दीदी के गाल पे किस किया और लीप पे किस किया, दीदी शर्मा रही थी, जीजू बोले शरमाना क्या अब तो

सुनहरे बालों वाली हसीना को मिला वो, जो उसने माँगा था—सख्त और गहरा

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