सौतेले बेटे ने सौतेली माँ की मालिश की और उसने उसके अंडकोषों को सहलाया

तुम प्यार व्यार के बारे में कुछ नही जानते हो!  मिस बोली.मैडम, मैं कुछ नही जानता। मैं बस यही जानता हूँ की आप मुझसे बहुत अच्छी लगती है  मैंने चिल्लकर कहा।मैडम जान गयी की मैं सच में उनसे प्यार करने लगा हूँ। उन्होंने उनके बड़े 2 मम्मे दबाने वाली बात किसी से नही कही। अगले दिन 12 बजे दोपहर में फिर स्कूल में सन्नाटा हो गया। हमेशा की तरह मैडम का मैंने खाना टेबल पर लगया। उनके लिए पानी लाया। खाना खाने के बाद मैं उनके सर में झंडू बाम लगाने लगा।मैडम आराम से एक लम्बी बेंच पर औंधी होकर लेट गयी। मैं उनके सर में मलहम लगाने लगा। फिर मेरे हाथ उनके गले पर, फिर उनके मम्मो पर सरकने लगे। आज संजना मैडम नें मुझसे कुछ नही कहा। मेरा हौसला और बड़ा। और मैंने उनका ब्लाऊज़ में हाथ डाल कर उनके गोल 2 रसीले मम्मो पर भी मालिस करने लगा। मिस सुख सागर में डूबने लगी।करले जो मन है!   अचानक संजना मिस नें मुझसे कहा मुस्काकर.मैं ख़ुशी से पागल हो गया। मैंने मैडम के ब्लाऊज़ के हुक खोल। दोस्तों, क्या मस्त रसीली छातियाँ थी मेरी मिस की। मैं वाकई एक किस्मतवाला चेला था। मैं मिस की छातियाँ पिने लगा। उनको भी मजा मिलने लगा। मैंने घण्टों संजना मिस की छातियों को चूसता रहा। मेरा सीधा हाथ बार 2 मिस जी जांघों

सौतेले बेटे ने सौतेली माँ की मालिश की और उसने उसके अंडकोषों को सहलाया

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