मैंने फिर से कम्प्यूटर चला कर वही पोर्न मूवी चला ली। पर आज मेरा मन उसमें भी नहीं लग रहा था। मेरे मन में अजीब सा उत्साह था। शादी से पहले जब सचिन मुझे देखने आये थे… तब तो मैं बिल्कुल अल्हड़ थी, इतना उत्साहित तो तब भी नहीं थी मैं….मैं अपने बैड पर बैठकर विचार करने लगी, अभिषेक से मिलकर एक घंटे में क्या क्या बातें करूँगी? XXX Hindi ऑन करने से लेकर कम्प्यूटर के बूट होने के बाद आइकन पर क्लिक करने तक सब कुछ बताया, और बोले, “ये चार सी डी मैं इस कम्प्यूटर में ही कापी कर देता हूँ ताकि तुम इनको आराम से देख सको नहीं तो तुमको एक एक सी डी बदलनी पड़ेगी।”मैंने कहा, “ठीक है।”सचिन ने सभी चारों सी डी कम्प्यूटर में एक फोल्डर बना कर कापी कर दी और फिर मुझे समझाने लगे कि कैसे मैं वो फोल्डर खोल कर सी डी चला सकती हूँ। मैं अपने हाथ से सब कुछ चलाना सीख रही थी। जैसे-जैसे सचिन बता रहे थे 2-3 बार कोशिश करने पर मैं समझ गई कि फोल्डर में जाकर कैसे उस फिल्म को चलाया जा सकता है। पर मुझे यह नहीं पता था कि वो रात वाली फिल्म कौन से फोल्डर में है और वहाँ तक कैसे जायेंगे।मैंने फिर सचिन से पूछा, “कहीं इसको चलाने से गलती से वो रात वाली फिल्म तो















