इंडिया समर छोटे हाथों को अपने गहरे रहस्य बताती है और उसे अपनी मीठी चूत देती है

मैं आपके लिए चाय बना कर लाता हूँ।मैंने कहा- नींद ही नहीं खुली।मैंने आगे बढ़कर सर्वेश को बाँहों में भर लिया, कस कर चिपकते हुए बोली- आज ऊपर ही सोऊँगी। पूरी रात तुम्हारी याद आती रही!हम दोनों आपस में एक दूसरे की बाँहों में 5 मिनट सिमटे रहे। इसके बाद सर्वेश चाय बनाने चला गया और मैंने कुरता पजामा उतार कर स्कर्ट ब्लाउज बिना ब्रा पेंटी के पहन लिया। सर्वेश जब चाय लेकर आया तो मेरा शवाब उसे ललचा रहा था।चाय पीने के बाद सर्वेश से बोली- थोड़ा मेरी गोद में लेट लो!सर्वेश मेरी गोद मैं लेट गया। मैंने उसकी टीशर्ट उतरवा दी नीचे वो कुछ नहीं पहने था। मैं उसकी निप्पल हल्के से नोचते हुए उसके जवान सीने पर हाथ फेरने लगी, उसके बाद होंटों में उंगली चुसवाते हुए बोली- रात को मेरी याद आई थी?सर्वेश बोला- भाभी, रात भर सो नहीं पाया, आपके दूध चूसने का मन करता रहा।मैंने अपने ब्लाउज के दोनों बटन खोल दिए और सर्वेश का मुँह अपने दूधों की टोंटी में लगा दिया और बोली- लो, जी भरकर चूस लो। सर्वेश ने मेरा एक स्तन अपने मुँह में भर लिया और दूसरा हाथों से दबाने लगा, वो कभी एक चूची को चूसता कभी दूसरी को। मैं उसे कस कर अपने स्तनों से चिपकाए हुए थी।सर्वेश मेरे स्तनों से खेलते हुए बोला- भाभी, आज ऑफिस जाने का

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