हमें जब भी मौका मिलता हम एक दूसरे को किस करते. वो तैयार हो गई. हिंदी XXX मुझे उसके हाथो का स्पर्श बहुत अच्छा लग रहा था. तो मैंने जवाब में कहा की कुछ नहीं ऐसे ही ड्राइंग बना रहा हु. मैं थोड़ी देर वैसे ही धीरे धीरे धक्के मारता रहा. मेरा नाम जितेन्द्र है. थोड़ी देर बाद फिर से तकिये के निचे से मेरे पैरो पर कुछ होने का अहसास हुआ मैंने तकिये के निचे हाथ डालकर देखा तो मेरे मामा की लड़की का हाथ था.वह अपना हाथ मेरे बरमूडा के अंदर डालने की कोशिश कर रही थी. इस बार उसका हाथ मेरे अंडरवियर पर घूम रहा था.उसके छूने से मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया था. उसकी चूत का पानी निकलने की वजह से उसकी चूत और भी चिकनी लग रही थी. तब तक उसने अपनी स्कर्ट उतार दी थी. वो मेरे से ४ साल छोटी है. वो घोड़ी की तरह खड़ी हो गई. और जब वो मस्त होने लगी तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. कुछ देर बाद मुझे मेरे हाथ को कुछ गिला चिपचिपा होने का अहसास हुआ तो मैंने देखा की मेरे बार बार छूने से वो इतनी गरम हो गइ थी की उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था.वह मुझसे बोलने लगी कि तुम मेरी चूत में ऊँगली डालो.















