जैसे ही आरती ने मुझे उठाने के लिए हाथ लगाया. XXX Hindi जैसे ही आरती ने मुझे उठाने के लिए हाथ लगाया. टोमेटो का रस ख़तम हो गया फिर भी वो मेरे लंड को चूस रही थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.उस रात मैंने उसको सोचते हुए मुठ मारके सो गया. उसकी गहरी गहरी नैवेल उसके बड़े बड़े बूब्स और उसकी मांसल जांघे देखकर मैं तो पागल सा हो गया.और उसके बदन के हर पार्ट को चूसने लगा उसका पेट क्या कोमल था. फिर एक टोमेटो मैंने अपने लंड पे फोड़ा और उसका रस मैंने आरती से चुसवाया. अब मैं ऐसा मौका देख रहा था कि कोई डिस्टर्ब ना करे.तभी मेरे पापा ने कहा कल मेरी मम्मी को डॉक्टर को दिखाने अहमदाबाद जाना था. और अहमदाबाद हमारे शहर से 6 घंटे का रास्ता है इसलिए पूरा दिन लग जाता है. मैं तो बहुत खुश हो गया और पूरा दिन और पूरी रात यही सोच कर खुश होता था की कल आरती से जम कर चुदाई करूँगा. तभी दूसरी बार मेरा हाथ बूब्स को छुआ मुझे तो बहुत ही मज़ा आ रहा था. तो उसकी आँखे फटी सी रह गयी वो बोली ये क्या है स्नेक जैसा.वो जानबूझकर अनजान बन रही थी फिर मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया तो वो उसे सहलाने लगी. मैंने कहा तुम्ही देख लो तो वो शर्मा गयी तो मैंने खुद ही मेरा लंड निकल के दिखाया. जैसे उसने बाल्टी निचे रखी मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और उसके बूब्स दबाने लगा और उसके होठो पे किश करने लगा.अब वो भी कामुक हो गयी थी मैंने मेरे















