! XXX Hindi मैंने कुछ ग़लत किया है?उसने कहा- वो तो तेरे भैया फ़ैसला करेंगे।भैया का नाम आते ही मैं डर गया। मैंने श्रद्धा को गिड़गिड़ा कर विनती की कि भैया को यह बात ना बताएँ। असली खेल अब शुरू हुआ। मुझे क्या पता कि इसके पीछे श्रद्धा भाभी का हाथ था! उसने कहा और मुझसे लिपट गई, उसके कठोर स्तन मेरे सीने से दब गये। वो रेशम की चोली, घाघरी और ओढ़नी पहने आई थी। उसके बदन से मादक सुवास आ रही थी। मैंने ऐसे ही उसको अपने बाहुपाश में जकड़ लिया।‘हाय दैया, इतना ज़ोर से नहीं ! तूने कहीं भी, कभी भी कहा होता तो मैं तुझे चोदने से इनकार ना करता, तू चीज़ ऐसी मस्त है।उसका चहेरा लाल हो गया, वो बोली- रहने भी दो ! हम चारों में एक समझौता हुआ कि कोई यह राज़ खोलेगा नहीं। श्रद्धा ने भैया से चुदवाना बंद कर दिया था लेकिन मुझसे नहीं।एक के बाद एक ऐसे मैं अपनी तीनों भाभियों को चोदता रहा। भगवान की कृपा से बाकी दोनों भाभियाँ भी गर्भवती हो गई। भैया के आनंद की सीमा ना रही। समय आने पर श्रद्धा और आस्था ने लड़कों को जन्म दिया तो तरुणा ने लड़की को। भैया ने बड़ी दावत दी और सारे गाँव में मिठाई बाँटी। अच्छा था कि कोई मुझे याद करता नहीं था। भाभियों की सेवा में कमली भी















