हमेशा गुस्से से बात करते हो, मैं तो ये कह रही थी कि कितने अच्छे लगते है आपके सीने पर ये बाल. हिंदी XXX उनकी चाल, बोलने का तरीका सब मर्दाना लगता है. मैंने देखा की दीक्षा बुलेट की सीट को मुट्ठी में लेने की कोशिश कर रही थी, मेरा अंदाज़ा सही था वो अब झाड़ने वाली थी.और मेरे मन में आया ही था की एकदम से वो ढीली हो गयी और उसकी चूत का पानी निकल गया और वो नीचे गिर गयी. पापा के लंड के धक्के इतने जोरदार थे कि उसकी छाती बुलेट की सीट से टकरा रही थी. उन्होंने एक हाथ अपने सर के नीचे रक्खा और दूसरा अपनी छाती पर और आँखे बंद कर के लेट गए. मेरा छोटा भाई है पर वो पढने के लिए दिल्ली गया है. मैंने अब उनके बालों को चूमना शुरू कर दिया..बाल तो बहाना थे मैं तो अपने पापा को चूम रही थी. मैं भी पापा के साथ ही बैठ गयी और पापा के सामने सर झुका कर बैठी रही और सर नीचे करके ही मैंने हलकी सी आवाज़ में कहा.‘पापा आई एम् सॉरी.. मैं डर के मारे अपनी साड़ी के पल्लू को उंगलियों से खेलने लगी.‘बैठो..घर अभी दूर है..’ पापा मेरे पास आकर रुके और कहा.















