घण्टी बजा कर भाग गया। ११ बजे सभी सो गए, लेकिन मुझे नींद कैसे आ सकती थी।मैंने दूसरे फोन की तार निकाल दी थी और अपने कमरे वाले फोन की रिंग बिल्कुल धीमी कर दी थी, कमरे का दरवाजा भी बन्द कर लिया था। तकरीबन १२:३५ पर फोन आया। मोना बहुत ही धीमे स्वर में बोल रही थी। उसने बताया, “हिमांशु ने हम दोनों को बात करते हुए देख लिया था।इसलिए उसने मुझे तुमसे मिलने और फोन पर बात करने से मना किया है, वह कहता है कि तुम अच्छे लड़के नहीं हो ! इतनी धीमे क्यों बोल रही हो?उसने कहा- मेरे कमरे का दरवाजा खुला है और मम्मी पापा साथ वाले कमरे में हैं।तो मैंने उसको दरवाजा बन्द करने को कहा।उसने पूछा- क्यों?मैंने कहा- उसके बाद मैं तुम्हारे पास आ जाऊंगा, बैड के ऊपर बिलकुल तुम्हारे साथ।तो वह कहने लगी- नहीं ! हिंदी XXX पकड़ लो लेकिन आराम से पकड़ना !”थोड़ी देर चुप रहने के बाद उसने कहा “तुम्हारे हाथ पकड़ने से मनीष मेरे को कुछ हो रहा है, प्लीज अभी मेरा हाथ छोड़ दो !”थोड़ी देर बाद उसने कहा कि जब मैंने पहले उसका हाथ पकड़ा था तब उसकी टांगो के बीच में कुछ हो रहा था उसको बहुत मजा आ रहा था और उसकी चूत में से बहुत पानी निकल रहा था जिस की बजह से वह घबरा गई थी और















