फाड़ डाली..मेरी..गांड.. XXX Hindi मैं अपने पति से जी भर कर चुदवाना चाहती थी लेकिन अचानक मुझे बाहर जाना पड़ रहा था. अब मैंने नीचे से हाथ डाल कर अपनी चूत को मसलना चालू कर दिया था.मेरी इच्छा हो रही थी की मेरी चूत में भी कोई चीज डाल लूँ लेकिन वो संजू का बच्चा तो खेल बीच में ही छोड़ कर चला गया था. “आह..औ..आ..ह.ह..मेरे..पहलवान…मज़ा आ गया…ऐसे ही चोदो आ.ह..आ.अ..हह..मुझे..जीभ सी…से. आ.जा.ज़ल्दी….. इस बार लंड ने गांड की पटरी पकड़ ली और मेरी गांड को चीरता हुआ अन्दर चला गया.मेरी चीख निकल गई “आ….अ.अ.. मैंने सोचा कि क्यों आज इस हेंडसम नौजवान से चुदाई का मज़ा लिया जाए. फ़िर पता नहीं कब इतने लंडों की बरात मिले.ये सोच कर मैंने उनको डराते हुए कहा “ठीक है मैं तुम लोगों को केवल आधा घंटे का समय देती हूँ तुम लोग जल्दी जल्दी अपना काम करो और यहाँ से निकल जाओ और अब कोई और इस कूपे में नहीं आना चाहिए.”वो चारों खुश हो गए और “जी मैडम ! मैंने सोचा कि क्यों आज इस हेंडसम नौजवान से चुदाई का मज़ा लिया जाए. वैसे आप मुझे संजू भी बुला सकती हो.” मैंने उन दोनों से कहा “संजू!! चलो चोदो…मुझे. वह बिल्कुल सकपका गया और इधर उधर देखने लगा.मैंने उसका होंसला बढ़ाने के लिए उसकी तरफ़ मुस्कुरा कर देखा और कहा “आईये टीटी साहब बैठिये, खाना















