मैं पूरी नंगी थी. मैं समझता हु कंचन तुम ना मत करो प्लीज. XXX Hindi तुम्हे पता है तुम्हे किसी चीज की कमी नहीं है ना तो कभी होने दूंगा तुम जैसा चाहो अपनी ज़िंदगी जिओ.पर हां मुझे पता है की मैं सेक्स से तुम्हे संतुष्ट नहीं कर सकता, क्यों ना तुम किसी और से सेक्स सम्बन्ध बना लो, मुझे बुरा नहीं लगेगा, और मैं इसका इंतज़ाम करूँगा, माँ पापा का भी मनोकामना दादा दादी बन्ने का पूरा हो जायेगा और हम दोनों की ज़िंदगी भी अच्छी तरह से हो जाएगी.पहले तो सच बताऊँ शॉक लगा, की कोई पति ऐसा कैसे कह सकता है, मैंने कहा भी ये आप क्या कह रहे है. मैं सब समझ रही थी की वो अपनी आँख सेंक रहा था गोर गोर बदन और टाइट चूचियों से. अंदर जाने की तो बात बहुत दूर है.पर करूँ भी तो क्या पति जब मेरे ऊपर चढ़ता और मैं अपनी दोनों टाँगे फैलाती तो बिच में एक छोटा सा उबक डूबक हो रहा होता मुझे तो लंड कहने में भी शर्म आती, मैं गुस्से से पति को धक्का दे देती और फिर दोनों में लड़ाई हो जाता और दोनों एक दूसरे के तरफ पीठ कर कर सो जाते.पर आप ही बताइए क्यों कैसे बिना सेक्स के रह सकता है, जिससे मुझे चुदवाने का लाइसेंस मिला है वो मुझे चोद ही नहीं पाता















