रिश्ते में मैं उनका बेटा ही लगता था. हिंदी XXX कुछ देर में मौसी ने मेरी पकड़ के खुद को नंगा पाया. मैं और जोर से हुमक दी और मेरा ८ इंच का लौड़ा मौसी के भोसड़े के अंदर पहुच गया. मौसी जानती थी की जब कोई जवान लडकी पहली बार चुदती है तो बड़ी जोर का दर्द होता है. उन्होंने अपनी बड़ी बड़ी मस्त मस्त छातियों को हाथ से पकड़ लिया. फूलनदेवी मौसी से आंख मींज ली. मैं लगातार मौसी का हाथ चूमता रहा. काली काली झांटों से भरी चूत असलियत में बड़ी खूबसूरत थी, पर काली काली झाटों में उसका असली सौंदर्य नही दिख रहा था. कितने मुलायम, कितने नर्म आम से. उसके निपल्स गहरे काले चमकदार रंग के थे और बहुत ही शानदार थे. जब मन आता था धोती उठाकर नानी की साडी उठाकर चोद लेटे थे. पर कभी कभी थोडा मस्ती में आ जाती थी और जोर जोर से ‘आ आहा हा हा हूँ हूँ !!’ करके चुदवाती थी. काबिले तारीफ़ छातियाँ थी. एक ५ ६ इंच गहरी चूत नही बल्कि स्वर्ग का द्वार थी.मौसी अपने पैर बिलकुल सामने को सीधे किये हुई थी. आज बिना कपड़ों के मौसी बहुत ही शानदार और प्रभावशाली लग रही थी.उफफ्फ्फ़!















