अब चाची पेट के बल लेट गयी और उन्होंने मेरे खड़े हुए लंड को अपनी गांड में डालने का इशारा किया. चाची ने थोड़ा मुस्कुराकर मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़ा और फिर कंडोम को टोपे पर रखकर धीरे से नीचे की तरफ उतार दिया और इस तरह कंडोम लगा दिया.अब में अब चाची के ऊपर आ गया और मैंने धीरे से चाची के दोनों पैरों को थोड़ा सा फैलाकर चूत का आकार बड़ा किया और लंड को चूत के मुहं पर रखकर हल्का सा लगातार दबाव बनाकर पूरा का पूरा अंदर घुसा दिया. हिंदी XXX दोस्तों इस तरह मैंने चाची को चोदा, लेकिन इस चुदाई में ना तो में चाची के शरीर का कोई अंग देखा सका (अंधेरे की वजह से) और ना ही हम दोनों चुदाई करते समय कुछ मुहं से बोले और उसके बाद अगली दो रातों को भी मैंने चाची को ऐसे ही जमकर चोदा और अपनी चुदाई से उनकी चूत को संतुष्ट किया.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- दोस्तों इस घटना से पहले मैंने कभी भी सेक्स नहीं किया था और ना ही मेरी कोई गर्लफ्रेंड थी और मैंने कभी भी चाची के बारे में भी ऐसा कुछ गलत नहीं सोचा था.यह आखरी महीने की बात है और उन दिनों गर्मी बहुत थी. मैंने अपने लोवर को उतार दिया और साथ में अपनी अंडरवियर भी.चाची मेरे लंड















