उनको हाथो से सहलाते हुए वह कहने लगी के देख भैया इनको बेचारे ये भी गर्मी के कारण कैसे कुम्हला गए है आज तेरे जीजा जी होते तो अब तक तो इन्हे मुँह में लेकर ताजा कर देते.ऐसी वाहियात बात सुन मेरे को ऐसा करंट लगा कि मैंने भी सोचा की छोड़ो ऐसी नैतिकता और दिखा दो अपनी मर्दानगी. मैंने कहा ठीक है और ऐसा बोल मैं हौज को भी साफ़ करके पानी भरने लगा. हिंदी XXX निचे उसने एक काफी पुराना सा पतले कपड़े का वाइट पेटीकोट पहन रखा था जिसका नेफा भी काफी फटा हुआ होने के कारण उसकी सफ़ेद पेंटी दिख रही थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैं पानी डालता जा रहा था और जीजी झुक-2 कर झाड़ू और गीले कपड़े से पूरा घर धोती जा रही थी. मैं सामान उसे देता तो वह हाथ उठाकर उसे जीजा जी को थमाती, हाथ उठाने से उसकी अंडर आर्म्स के बाल देख मेरा लंड फिर से तनतना गया. और फिर मैंने मम्मी के पैरो पर आइस बैग घूमना शुरू कर दिया.मम्मी के मुँह से हलकी सी मादक आवाज़ सुनाई देने लगी और उन्होंने अपनी ऑंखें बंद कर ली. क्योकि जिस चीज को आज तक मैं केवल फोटो या फिल्मो में देखता था और जिस के बारे में मैं बंद कमरे में आँखें बंद कर अपने कड़कनाथ को रगड़ता था















