मैं सब जानती हूँ!!” मैंने कहा.कुछ देर तक तो मिश्रा अंकल के चेहरे का रंग की उड़ गया। फिर वो मुस्कुराने लगी।“पल्लवी बेटा!! XXX Hindi आज मुझे अपना लंड खिलाकर मेरी प्यासी चूत की प्यास भुझा दो!!!”मेरी माँ उनसे कह रही थी। मिश्रा अंकल मेरी माँ के जिस्म पर हर जगह हाथ से धीरे धीरे सहला रहे थे। फिर वो मेरी माँ के दूध पीने लगे और घंटो मेरी जवान चुदासी माँ के चिकने बदन का मजा लुटते रहे।उसके बाद मिश्रा अंकल ने मेरी माँ की दोनों टाँगे उठाकर उनको किसी रंडी की तरह चोदा। खूब चोदा मेरी माँ को। उस दिन दोस्तों, मैंने साक्षात देखा की मर्दों का लंड कितना बड़ा, लम्बा और मोटा होता है। दोस्तों, ना जाने क्यूँ, मैं सोचा की अगर कभी मैं चुदवाउंगी तो किसी उम्र दराज मर्द से ही चुदवाउंगी, किसी लड़के से नही चुदवाउंगी।क्यूंकि जादा उम्र के मर्दों का लंड बहुत बड़ा और मोटा होता है। इस तरह मेरी माँ हफ्ते में २ ३ बार मिश्रा अंकल में फ्लैट पर जाकर चुदवा लेती और वो माँ को फ्लैट का किराया बिलकुल टाइम पर दे देते। कभी नागा नही करते। मिश्रा अंकल हम लोगो के लिए बजार से तरह तरह के फल, और मिठाइयाँ लाते और मेरी माँ को खूब खिलाते पिलाते।उन्होंने जब मेरी माँ को खूब जीभर के चोद लिया और उनकी गांड भी जीभर के मार















