उसमे कुछ कपड़े. XXX Hindi मां के मूह से सिसकारिया निकल रही थी.अंकल माँ की चूचियों को धीरे धीरे मसल रहे थे. फिर माँ किचन मे चली गयी. माँ भी तपाक से उनकी बाहों मे गिर पड़ी. सुबह पापा जल्दी ही ऑफीस चले गये. सुबह पापा जल्दी ही ऑफीस चले गये. काम करने के बाद माँ ने मेरा दरवाजा खटखटाया लकिन मैने कोई रेस्पोन्स नहीं दिया तो माँ को लगा की मैं सो गया हूँ. मम्मी–आहह. माँ भी अंकल की बालो से भरी छाती सहला रही थी.अंकल अपने हाथ माँ के गरम जिस्म प सहला रहे थे. माँ और दीदी काम कर रही थी और आंटी नहाने चली गयी.दीदी- माँ वो (मैं) तो अबतक उठा ही नहीं तो चाय कौन देगा पापाजी को.माँ- वो तो सो रहा है. माँ रोने लगी.अंकल डरते हुए- मुझसे ग़लती हो गयी मुझे माँफ़ कर दीजिए.माँ कुछ नहीं बोली और चली गयी. अंदर अंकल सिर्फ़ अंडरवियर मे सो रहे थे. कुछ ही देर मे अंकल आ गये. माँ एक दुल्हन की तरह बैठी थी.अंकल- समधन जी आज मैं बहुत खुस हूँ कहते हुए अंकल ने माँ का घूँघट उपर किया.अंकल– सच्ची आज आप अप्सरा लग रही है माँ शर्मा गयी.माँ ने ग्लास उठाया और अंकल की और करने लगी.















