एक दिन की बात है मेरा भाई जो की गुडगाँव में रहता है उसके अचानक तबियत खराब हो गई, तो मैं वही चली गई.निशा को भी बोली की चलो तो वो बोली मुझे नोट्स सबमिट करने है कॉलेज में तो मैं नहीं जा पाऊँगी, तो मैं अकेली ही चली गई, उस दिन तो वापस नहीं आ पाई, दूसरे दिन दोपहर को आई, गर्मी का दिन था, मैं गेट सटाया हुआ था, अंदर से कुण्डी नहीं लगी थी तो मैं समझ गई की निशा कही आस पास कोई दुकान गई होगी, इस वजह से खुला है.मैं अंदर चली गई, जब अंदर गई अपना बैग ड्राइंग रूम में राखी और बाथरूम से वापस आके बैडरूम में जैसे ही एंटर करने के लिए सोची मेरे होश उड़ गए. Damad Ne Choda Sasजब मेरे पति ज़िंदा थे तभी एक लड़का था जो की इनके पास आया करता था, पढाई करने के लिए, वो बहुत ही मिलनसार था और धीरे धीरे वो मेरे परिवार से काफी घुलमिल गया, मेरे परिवार को लगता ही नहीं था की वो कोई अलग है, वो लगता था मेरे परिवार का ही सदस्य है.जब मेरे पति हॉस्पिटल में थे तब वो खूब सेवा किया था, वो हमलोग के दिल में घर कर गया था. XXX Hindi सुबोध अपना लंड से सारा माल निशा के मुझ पे डाल दिया.मैं वापस हो गई और घर से















