आपने मेरे बरसों की तमन्ना पूरी कर दी, बताइए, क्या लेंगे चाय या ठंडा।मैं उसकी कमर पे हाथ फिराने लगा और बोला- प्यास लगी है, पर चाय या ठंडे का मन नहीं है, कुछ और पिलाओ।फिर हम एक दूसरे की आंखों में देखने लगे और धीरे धीरे हमारे होंठ एक दूसरे की तरफ़ बढ़ने लगे। फिर हम धीरे धीरे एक दूसरे को किस करने लगे मैं उसे धीरे से अपनी तरफ़ खींचा तो वो मेरे जाँघों पे बैठ गई। और दोनों पैर सोफे पे रख लिए।अब उसके दोनों चूतड़ मेरी एक जांघ पर थे और जांघें दूसरी जांघ पर। वो अपनी साइड पे बैठी थी। हम एक दूसरे के होंठो को चूमने लगे। उन रसीले होठों को चूमते ही मुझे लगा जैसे मेरी बरसों की प्यास बुझ गई। धीरे धीरे हमारी किस गहरी होती गई और हमारी जीभ एक दूसरे के मुँह में घूमने लगी।मैंने अपना एक हाथ उसके स्तनों पे फ़िराना शुरू कर दिया, उसने एक हल्की सी सिसकारी ली। मैं धीरे धीरे उसकी चूचियाँ सहलाने लगा। उस एहसास का बयान मैं शब्दों में नहीं कर सकता। उफ्फ्फ क्या टाइट चूचियां थी। उसके दोनों हाथ मेरे बालों में फिर रहे थे।हमारा शरीर धीरे धीरे गर्म होने लगा और चूमते चूमते मैंने उसका दुपट्टा उतार के एक तरफ़ रख दिया। फिर धीरे से उसकी कमीज़ ऊपर कर दी। मेरा इशारा पाते ही















