थोड़ा न नुकुर करने के बाद उसने अपनी जीभ चलाना शुरू की, मेरा लंड सौम्या के मुंह की चपेट में आने से तड़प सा गया था और वैसे भी काफी समय से बर्दाशत भी कर रहा था।इसलिये जैसे ही सौम्या ने जीभ चलाई मेरी रस मलाई फड़फड़ाते हुए निकल गई जो सौम्या के जीभ को टच करते हुए उसके मुंह के अन्दर और चेहरे पर गिर गई. XXX Hindi कोई पांच मिनट बाद ही वो होश में आ गई, मुझे देखते ही वो उठ कर बैठ गई।मैंने प्यार से उसके सर को सहलाते हुए पूछा- क्या हुआ जो तुम बेहोश हो गई?उसने मेरे कंधे पर अपना सर रखा लेकिन मेरे किसी बात का जवाब नहीं दिया, बस एक ही शब्द बोली- यह खून कैसा?‘तुम्हारा कुंवारापन खत्म हो गया है।’फिर हम दोनों काफी देर तक चुप बैठे रहे, बुर की चुदाई में काफी समय बीत चुका था, लगभग आधी रात हो चुकी थी, इसलिये दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो गये। अब आगे दो दिन क्या क्या हुआ जानने के लिए कहानी का गला भाग पढ़े…अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मैंने दो बार उससे प्लीज कहा तो वो बड़ी मुश्किल वो मेरे लिंग के अग्र भाग को अपने मुंह के अन्दर ले पाई थी। हाँ ये अलग बात थी कि वो मेरे बाल रहित लंड के आसपास की जगहों को बड़े ही प्यार















