आगे की कहानी मैं आपको कल बताउंगी, तब तक पढ़ते रहिये हमारी वासना डॉट नेट.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- यहाँ पड़ी है वो फिल्म बस तुम दिन में यह फोल्डर मत खोलना।”मेरी तो जैसे लॉटरी लग गई थी। पर मैंने शान्त स्वभाव से बस, “हम्म….” जवाब दिया। मेरी निगाह उस फोल्डर में गई तो देखा यहाँ तो बहुत सारी फाइल पड़ी थी। मैंने सचिन से पूछा। तो उन्हानें ने बताया, “ये सभी ब्लू फिल्में हैं। आराम से रोज रात को देखा करेंगे।”“ओ…के… अब यह कम्प्यूटर बंद कैसे होगा…” मैंने पूछा क्योंकि मेरे लायक काम तो हो ही चुका था।सचिन ने मुझे कम्प्यूटर शट डाउन करना भी सिखा दिया। मैं अब वहाँ से उठकर नहाने चली गई, और सचिन भी आफिस के लिये तैयारी करने लगे। सचिन को आफिस भेजने के बाद मैंने बहुत तेजी से अपने घर के सारे काम 1 घंटे में निपटा लिये। फ्री होकर बाहर का दरवाजा अन्दर से लॉक किया।कम्प्यूटर को सचिन द्वारा बताई गई विधि के अनुसार ऑन किया। थोड़े से प्रयास के बाद ही मैंने अपनी शादी की फिल्म चला ली। कुछ देर तक वो देखने के बाद मैंने वो फिल्म बन्द की और अपने फ्लैट के सारे खिड़की दरवाजे चैक किये कि कोई खिड़की खुली हुई तो नहीं है।सबसे सन्तुष्ट होकर मैंने सचिन का वो खास वाला फोल्डर खोला और उसमें गिनना शुरू किया















