झगड़ते-झगड़ते उनकी गर्मी जांघों के बीच उबलने लगी

वो कभी रोती कभी हसती मैंने कहा माँ जी आप चिंता नहीं करो, आपको वो सारे सुख दूंगा जो एक बेटा अपनी माँ को देता है. पर दूसरे दिन जब मान्यता क्लास आई तो बोली आज शाम को तुम्हे मेरी मम्मी बुलाई है. हिंदी XXX आज की मॉडर्न औरत. और फिर उन्होंने पैन ड्राइव को टीवी में लगा दी और हम दोनों की सेक्स की मूवी चालु कर दी. मैंने मान्यता के साथ बहुत खुश था. क्या करूँ समझ नहीं आ रहा है, प्लीज मुझे कोई रास्ता दिखाओ मैं आपका एहसान ज़िंदगी भर नहीं भूलूंगा. तो वो कहने लगी साले अपनी जबान से ये बात मत कहना की बेटे का प्यार दूंगा. मैंने कहा हां, क्या तुम मान्यता को खुश रख पाओगे, मैंने कहा मैं अपनी जान से भी ज्यादा इसका ख़याल रखूंगा. तो मैंने कहा ठीक है आप जैसा कहो वैसा ही करेंगे, वो बोली सच ऐसा करेगा? अकसर लोग भटक जाते है मैं भी एक भटका हुआ इंन्सान हु, पर मुझे क्या पता था की मेरी ज़िंदगी ऐसी हो जाएगी, मैं इसे अपनी गलती भी नहीं कहूंगा, क्यों की सब लोग चाहते है की उसका एक सुन्दर सा घर परिवार हो और सुन्दर सी बीवी हो, किसको प्यार नहीं करने का मन करता है.

झगड़ते-झगड़ते उनकी गर्मी जांघों के बीच उबलने लगी

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