अपना मुह दूसरी ओर कर लिया.मैंने उसकी पीठ में हाथ डाल किया. हिंदी XXX मैंने उसके अमरुद जैसे गोरे गालों पर कसके काट लिया, जिससे वहां मेरे दांतों का निशाँन बन गया. मैं मैथ्स में बहुत कमजोर हूँ. ऐ दामिनी!! मैंने धीरे से कहा.वो समझ गयी की मैं उसको चोदने की बात कर रहा हूँ. पंकज और उसकी माँ हॉस्पिटल में थे. मैं उसको मस्ती से चोदने लगा. फिर उसकी जीप खोल दी. आज शाम मुझसे अपने जिगरी दोस्त की बहन की चूत का शिकार करना ही था.जब मैं उसकी सफ़ेद पैंटी उतरने लगा तो दामिनी मना करने लगी. दामिनी तो बिलकुल मोम का बुत बन गयी थी दोस्तों.मैंने अपने अधर उसके निष्पाप निर्दोष स्तनों पर अन्तः लगा ही दिए. रोजाना मैं दामिनी को टेबल कुर्सी पर पढाता था. फाड़ दो चूत इस नई नई जवान लौंडिया की. आज पहली बार मैं उससे खुल छिपका चिपकी कर रहा था. मैंने ट्यूसन शुरू कर दिया.जब रात में घर जाता था तो दामिनी हो दामिनी मेरे दिलो जान में छाई समाई रहती थी. हाँ लेकिन कोई भी लड़का हो या लड़की जीवन भर अपनी पहली चुदाई जरुर याद रखता है, ये तो है !! मैं एक हाथ से जहाँ उसका एक मम्मा दबा रहा था वही मुह में भरके उसके निष्पाप, निर्दोष, कुंवारे मम्मो को पी रहा था.मुझको चरमसुख मिल रहा था.















