मुझे लगा की मैं अपनी ज़िंदगी संवार सकती हु इनका सहारा लेके, मैं एक सब सोच ही रही थी तो वो बोले, पर मुझे इसके बदले कुछ चाहिए.मैंने समझ रही थी की इनको क्या चाहिए पर मैंने भी सोच लिया था की कोई बात नहीं अगर ये सेक्स की डिमांड करेगा तो मैं मान जाउंगी, ऐसे भी क्या लड़को से ठुकवाने से ज्यादा बढ़िया है की किसी ऐसे से ठुकवाओ जिससे ज़िंदगी भी बने.फिर मैंने पूछा हां बताइये आपको क्या चाहिए ऐसे मेरे पास देने को क्या है, तो वो बोले तू हुस्न की परी है स्वाति, तुम चाहो तो जितना पैसा चाहती है मैं देने के लिए तैयार हु, पर तुम्हे एक बार पाना चाहता हु, मैंने कहा ठीक है, पर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए, दोनों में पक्का हो गया और फिर वो मेरे होठो को चूसने लगे. हिंदी XXX आप सोच रहे होंगे ये अंकल जी कौन है, अंकल जी 55 साल का इंसान है, वो राइटर है.मैं उनके पास रोज अपने किताब के सिलसिले में जाती हु, क्यों की मैं भी किताब लिखती हु, तो कभी कुछ पूछना होता है तो मैंने उनके पास जाती हु, वो मेरी काफी हेल्प करते है, पर इस हेल्प के बदले उन्होंने सबसे पहले, मुझे एक किश किया.फिर धीरे धीरे वो मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगे, है तो वो थोड़े















