उ उ उ.. हमममम अहह्ह्ह्हह.. हिंदी XXX हमममम अहह्ह्ह्हह.. ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…बेटा उमेश….बेटा उमेश!!” कराहने लगी।मैं उसकी काली काली निपल्स में जल्दी जल्दी अपनी जीभ टकराने लगा। मकान मालकिन को बड़ी तीव्र उतेज्जना का अहसास होने लगा। इसी तरह मैं उससे उसके पति की तरह प्यार करने लगा।मैं बार बार अपनी जीभ को जल्दी जल्दी हिला रहा था और उसकी कडक खड़ी निपल्स से बार बार टकरा रहा था, उसकी चूत में से माल निकलने लगे। उसका दायां मम्मा मैं मजे से पी चूका था, और अब उसका बाया मम्मा मैं मुंह में भरकर पी रहा था।कितना बड़ा और विचित्र संयोग था की हम दोनों ही प्यासे थे। मुझे भी सालभर से कोई बुर चोदने को नही मिली थी, जबकि मेरी मकानमालकिन को भी कई सालों से कोई लौड़ा चुदवाने को नही मिला था, इसलिए हम दोनों मजे से प्यार करने लगे। मैं उसके दूध पीने लगा, वो पिलाने लगी।“आहं आहं…. ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…बेटा उमेश….बेटा उमेश!!” कराहने लगी।मैं उसकी काली काली निपल्स में जल्दी जल्दी अपनी जीभ टकराने लगा। मकान मालकिन को बड़ी तीव्र उतेज्जना का अहसास होने लगा। इसी तरह मैं उससे उसके पति की तरह प्यार करने लगा।मैं बार बार अपनी जीभ को जल्दी जल्दी हिला रहा था और उसकी कडक खड़ी निपल्स से बार बार टकरा रहा था, उसकी चूत में से माल निकलने लगे। उसका दायां मम्मा मैं मजे से पी चूका















