देसी भाभी की साड़ी उतारने का मज़ा

मेरा नाम विदिशा है। सभी मुझे विदिशा कह कर ही पुकारते हैं। मेरे दोनों बेटे भी घर में पति के सामने भी विदिशा कह कर ही पुकारते हैं। उनका कहना है कि मैं किसी भी तरह से उनकी मॉं नहीं लगती, हम उम्र ही लगती है। दूसरों के सामने ज़रूर मॉं कह कर पुकारते हैं। ख़ैर यह कहानी बेटे के बारे में नहीं। Train Cuckold Sexपति के सामने चलती ट्रेन में दो आदमियों द्वारा चुदाई की कहानी है। मैंने स्कूल पास किया और कुछ ही महीनों के अंदर एक सरकारी दफ़्तर में काम कर रहे एक क्लर्क से शादी हो गई। जैसा क़रीब क़रीब सभी लड़कियों के साथ होता है, शादी के पहले कई लड़कों और आदमियों ने मेरी चूची मसली, चूतड़ दबाया।लेकिन मेरी क़िस्मत! XXX Hindi जैसा खेल रहे हो खेलते रहो। तिवारी जी को जैसे ब्लाउज़ खोलने के लिए तैयार किया वैसे ही दूसरे काम के लिए भी तैयार करो। वो बोलेगा तो मैं सब कुछ करने को तैयार हूँ। उन्हें कम उम्र की माल बहुत पसंद है।मैं बोलना चाहती थी कि अपनी कमसीन बहन की जवानी की बात कर उन्हें उकसाओ लेकिन बोल नहीं पाई। जब तिवारी जी अंदर आये तो हम तीनों अपनी जगह पर बैठ सूप पी रहे थे। सूप पीते हुए दोनों भाई अपने परिवार की बातें करने लगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़

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