माँ की लौड़ी पहले ही चुद रखी थी। मेरे बेटे आनंद को समझ आ गया की जो फूल ये लाया है उसे तो कोई पहले ही सूंघ चूका है।मेरा बेटा आनंद बड़ा उदास हो गया। इस नई बहू को वो चोदे की ना चोदे। उसे कुछ समझ नही आ रहा था। आनंद प्यार का पैगाम लेकर सुहागरात मानाने गया था। वहां उसे पता चला की अंशिका पहले की किसी लड़के के साथ सुहागरात मना चुकी है। प्यार नफरत में बदल गया।अंशिका के चक्कर में हम लोगों ने 6 लाख वाली पार्टी छोड़ दी थी। आनंद का खून खौल गया। अब वो अंशिका को एक छिंदरी मानने लगा। अब मेरा बेटा आनंद उसे रंडियों की तरह चोदना चाहता था। आनंद ने बिना किसी प्यार के एक घण्टे तक अंशिका की ढीली चूत में अपने लण्ड को घिशा और पानी चोद दिया। उसकी चूत बिलकुल ढीली थी।सुबह होने पर मेरे बेटे ने मुझे सारी बात सच सच बतायी की अंशिका जरा भी कसा मॉल नही थी। अब वो जैसी है तुझे निभाना है मैंने आनंद से कहा। धीरे 2 दिन गुजरने लगे। मेरे बेटे आनंद ने मन मार लिया और अंशिका से ज्यादा पूछताछ नही की कि वो किस्से किस्से चुदवाकर आयी है।क्योंकि वो अंशिका को बहुत पसंद करता था। दिन बीतने लगे। कुछ दिन बाद अंशिका जब नहाने जाती तो फ़ोन लेकर बाथरूम















