अर्चना के चेहरे पर मैंने अपना चेहरे रख दिया. मेरी उससे जान पहचान बढ़ने लगी. हिंदी XXX मेरी चूत में अपना लौड़ा प्लीस घुसा दीजिए! कुछ देर बाद भी ऐसा ही हुआ. वो सोफे पर मेरे बगल ही बैठ गयी. मैं बिल्कुल किसी कुत्ते की तरह उसकी बुर चाट रहा था. मेरी बीबी प्रीति को पढाने का बड़ा शौक था. एक दिन शाम को जब हम तीनों मैं, प्रीति और अर्चना बैठे थे तो मैंने मजाक में कह दिया.यार अर्चना !! मैं अर्चना को देखता तो बस उसमे ही खो जाता.बड़ी चुलबुली लड़की थी वो. कुछ देर तक हम दोनों की नजरे आपस में फसीं और जुड़ी रही.अर्चना! मैं रात भर अर्चना को ही सोचता रहा और अपनी बीबी को चोदता रहा. वो निढाल हो गयी. अगले दिन मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली. मैं उसको ठोक रहा था.क्या मस्त माल आज मुझे चोदने को मिली थी. वो मुझे देखती थी तो नजरे फेर लेती थी.उस रात जब मैं अपनी बीबी प्रीति के साथ कमरे में लेटा था की बार बार अर्चना का ख्याल आता था. मैंने उसको पकड़ लिया. और हम दोनों इसी तरह रोमाटिक शेरो शायरी करने लगे. मैंने उससे लगके खड़ा हो गया और उसके होंठो को चूमने ही वाला था की वो पीछे हट गयी.















