मैंने कहा आप लगती नहीं है की लड़की की माँ है. कभी ऐसा मत करना अपने से अलग मत करना हम तीनो को.मैंने कहा नहीं नहीं ऐसा नहीं होगा. XXX Hindi और दबने के बाद ब्लाउज से ऊपर आ रही थी.मैंने भी उनके गले लगा लिया. वो तीनो एक दूसरे का मुह देखने लगे और फिर उनलोगों ने बोला की तीन कमरे, और मैंने तीन कमरे बुक किये, और तीसरे दिन, हम तीनो कश्मीर चले गए. मैंने तुरंत ही पूरी ग्लास ख़तम कर दिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अंकिता फिर से सो गई जैसे ही मैं अंकिता के कमरे से बाहर आया. की मैं थोड़ा लेट हो जाउंगी.मैं कहा ठीक है. मैं हैरान था की ये लड़की की माँ है. रात के करीब १० बज रहे थे.मैंने कहा हां जी आप कौन, उन्होंने कहा जी मैं दिल्ली से रोहिणी, मैं अपनी बेटी के लिए रिश्ता देख रहा था, इस बारे में बात करनी है. दोनों एक दूसरे को सहला रहे थे.अचानक वो मुझे ऊपर मुह कर के देखि उनके होठ फड़फड़ा रहे थे. मैंने कहा ठीक है.दूसरे दिन सुबह के दस बजे राजीव चौक के बाहर मिलने चले गए. कोई दिखाई नहीं दी.















