आपका तो पहला शाट ही जोरदार है। मेरे राजा आझ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह”.‘‘अभी और शॉट देखिए।’‘यह कहकर अरुण ने मैना की दोनों चुचियों को कसकर पकड़ा और दनादन शॉट लगाने लगा। एक चूची को उसने अपने मुंह में ले लिया और दुसरी के निप्पल को वह हाथ से मसलने लगा। मैना ने भी अरुण को अपनी बांहों में जकड़ लिया और उसे चुमने लगी।चुमते हुए वह भी अपनी बुर को उछल-उछला कर अरुण के लण्ड के जोरदार हमलों का जबाव देने लगी। चूंकि अब कोई लण्ड बाकी नहीं था। यह आखिरी लण्ड था इस लिए मैना ने अपनी बुर को भी पूरी रफ्तार में खुला छोड़ दिया चुदवाने के लिए। ताकि अरुण के लण्ड के साथ ही उसकी बुर भी खलास ही जाए।‘‘मस्ताना लण्ड है न मेरा ?’‘पूछा अरुण ने.”हां बहुत जानदार है।’‘”चूदायी अच्छी है न।’‘”लण्ड को थोडा बाहर निकाल निकाल कर पेलिए न।’‘यह सुनकर अरुण अपने लण्ड को चूत से बाहर निकाल करीब पांच छह इंच बाहर ले जाता और तब फिर आक्रमण करता।‘‘हां यह चुदायी अच्छी है।’‘”ठीक है।’‘करीब 5 मिनट तक अरुण के लंड और मैना की बुर में धमासान लड़ाई चलती रही। और धीरे-धीरे लण्ड और बुर दोनों जोश और उतेजना की सीमा रेखा के पास पहुंचने लगे। अरुण ने मैना के गाल में दांत से काट लिया। मैना भी अरुण की गाल में दांत से काट ली। बहुत गर्मी में आ















