तो मैंने कहा कि वही जो तुम देख और महसूस कर रही हो. उसके बाद बचे हुए 6 दिनों में मैंने उसे लगभग 6-7 बार और चोदा और घर आने के बाद भी चोदा.. हिंदी XXX तब मैंने कहा कि तुम बस इसका कमाल देखती जाओ और बस मज़े लो.. तो में उसे इस रूप में देखकर पागलों की तरह उस पर टूट पड़ा. फिर अगले दिन सुबह जब में फ्रेश होने के लिए गया तो मैंने देखा कि उस पत्थर पर उसकी वर्जिनिटी और हमारे प्यार की निशानी खून के रूप में नजर आ रही थी. तब मैंने कहा कि तुम बस इसका कमाल देखती जाओ और बस मज़े लो.. उसकी आँखो से आँसू निकल गये थे.और वो मुझसे मेरे लंड को बाहर निकालने के लिए बोलने लगी और कहने लगी कि प्लीज अंकुर इसे बार निकालो वरना में मर जाउंगी.. तो वो बोली कि तुम मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दो मुझे कोई प्राब्लम नहीं है और तब तक वो भी एक बार झड़ चुकी थी. तो में उसे इस रूप में देखकर पागलों की तरह उस पर टूट पड़ा. मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसके बड़े बड़े तरबूज के आकार के बूब्स को चूसने लगा.और धीरे धीरे उसके हल्के भूरे कलर के निप्पल को काटने लगा.. तो कुछ देर बाद वो एकदम थककर ढीली पड़ने लगी और















