पुरे बलिया में खुले आम अपने आशिक के साथ मोटर साईकिल पर घूम रही है और मटरगस्ती मार रही है। अपने घर वालों की इज्जत को साली हरामजादी चौराहे पर नीलाम कर रही है……”बड़े भैया बोले और उन्होंने मेरे गाल पर तमाचा मार मार कर मेरा मुंह लाल कर दिया।फिर मुझे अपनी कार में खीच लिया और घर ले आये। घर आकर मेरी माँ और पापा सबसे मुझे लात, मुके, घुसे, थपड से मारा। “बड़ी जवानी की गर्मी है तेरे में…..आज तेरी सारी गर्मी मैं दूर कर दूंगा!!” बड़े भैया बोले और मुझे कमरे में ले गये। उनका दोस्त प्रभाकर भी कमरे में आ गया। दोनों अपने अपने कपड़े निकाल गये। मैं उनका इशारा समझ गयी थी। मेरे बड़े भैया ही मुझे चोदने वाले थे और उनका दोस्त प्रभाकर भी मुझे चोदने वाला था।“नही भैया नही !!…ऐसा मत करो!!” मैंने रोने लगी और उनके पाँव पकड़ने लगी.“साली रंडी……तुझे कितनी बार हम लोगो से समझाया की उस चमार के लौंडे से मत मिलना…पर तू उसके साथ पुरे बलिया में मजे से मोटर साईंकिल पर घुमती है और मजे से उसके हॉस्टल पर जाकर चुदवाती है……..बड़ा इश्क का भूत चढ़ा है तुझ पर??”….आज मैं और प्रभाकर तुझे चोद चोदकर तेरा सारा इश्क का भूत उतार देंगे!!” बड़े भैया बोले.उसके बाद भैया और प्रभाकर ने मेरा सलवार सूट फाड़ दिया और मेरी ब्रा और चड्ढी















