मैं मना नही किया वरना वो फिर से मुझे मारता पीटता. हिंदी XXX फिर उसने मेरी ब्रा भी फाड़ दी. कुछ देर की मशक्कत के बाद उसका लंड पत्थर जैसा कठोर हो गया.उसने मेरी चूत पर अपना बड़ा सा लौड़ा रख दिया और निशाना साधा. मेरी आँखों से बड़े गरम गरम आशू निकल रहें है. मैं भी लेट गयी. मेरी बुर बिल्कुल कुंवारी थी. मैंने उसके कहेनुसार उसके लौडे को हाथ से फेटने लग गयी. अब वो मेरे मुँह को चोद रहा था. उसने मुझे बताया. आज मैं एक पेशेवर रंडी बन गयी. मुझे घूर के देखने लगा. फिर वो अपने लंड को फेटने लगा. फिर उसने अपना कच्छा निकाल दिया. लम्बा पतला चेहरा था मेरा. इसी से आप अंदाजा लगा लीजिए की मैं कितनी गोरी थी.मेरा कस्टमर आज १६ साल की फूल सी लौंडिया चोदने खाने जा रहा था. मैं दर्द से रोने लगी. मेरी माँ ने मेरे उस पहले कस्म्टर से कहा. आज मैं भी अपना पहला धंधा करने जा रही थी.ओ भोसड़ी के!! काला कलूटा मोटा लंड था. जब बाकी कस्टमर मुझे चोदने के या कहे मेरे साथ बैठने के ५०० रुपए देते थे, वो मुझे कभी १००० कभी डेढ़ हजार देता था.















