शादी के हुए १२ दिन ही हुए थे की उनके हस्बैंड की छुट्टी खत्म हो गयी थी.वो दिल्ली में रहता था इसवजह से वो दिल्ली के लिए रवाना हो गया, घर में उनकी बूढी सास और बहु रह गयी थी, शायद हस्बैंड इतना पैसा भी नहीं कमाता था की दिल्ली में तुरंत उनको रख सके. XXX Hindi भाभी आईने में अपने आप को संवार रही थी, वो अपने पल्लू को ठीक कर रही थी, उनका पीठ मेरे तरफ था पर आईने में उनका बिना पल्लू के बड़ी बड़ी चूच जो की टाइट ब्लाउज से बाहर आने की कोशिश कर रहा था.चूच के बीच में जो एक लम्बी लकीर बनी हुयी थी वो मेरा मन मोह रहा था, फिर वो तैयार हो गयी और चाची बोली बहु अपने देवर के लिए चाय बना लो. मैं कौशल बोकारो का रहने बाला हु, मुझे मौका मिला था एक नयी नवेली दुल्हन का जो की मेरी पड़ोस की भाभी लगती थी, मैं आपको पूरी कहानी सिलसिले बार तरीके से पेश कर रहा हु. मेरा लंड सटाक से अंदर चला गया था, फिर क्या वो वो मुझे अपनी बाहो में भर ली, मैंने उनके कांख की स्मेल को ले रहा था, और लिपस्टिक की खुसबू भी मुझे मदहोश कर रही थी अपर वो गांड उठा उठा के चुदवाने लगी.मैं भी पहली बार किसी को चोदने का मौक़ा मिला था,















