प्लीस मेरी गांड मारो। घुसा दो अपना पप्पू मेरे छेद में! बोलकर सिसक पड़ी। अनिल नीचे बढ़ गया और मेरे पेट पर जीभ लगाकर चाटने लगा।चाटते चाटते वो मेरी नाभि पर पहुच गया और जीभ लगाकर उसे कायदे से चूसने लगा। अब तो मेरी हालत और खराब होने लगी। 5 मिनट तक मेरा बॉयफ्रेंड मेरी नाभि को चूसता रहा। फिर बड़े ही आश्चर्य से मेरी चूत देखने लगा। मेरी चूत पर बहुत सारी झांटे थी। काले काले घुघराले बालो का गुच्छा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.“अनुपमा डार्लिंग!! XXX Hindi कुछ होता है की नही” अनिल बोला.“होता है… बहुत मजा मिलता है ओह्ह माँ… ओह्ह माँ…” मैं बोली.“चलो अपना सलवार सूट उतारो दो अनुपमा रानी” अनिल बोला.उसके बाद मैं जल्दी जल्दी अपने कपड़े उतार दी। अपनी ब्रा और पेंटी उतार डाली। उधर अनिल अपनी शर्ट पेंट उतार दिया। उसका लंड 8 इंच का बड़ा सा नाग जैसा दिख रहा था। मैं बेड पर लेट गयी। अनिल मुझसे चिपक कर लेट गया। मुझे पकड़ लिया और मेरे चुदासे जिस्म पर किस करने लगा।मैं नंगी थी, बिना कपड़े में थी और बहुत चिकनी सामान दिख रही थी। मेरे चेहरे में इतनी कशिश थी की किसी का लंड मैं खड़ा कर सकती थी। अनिल मुझे किस करने लगा। मेरे गले और कंधे पर उसने हजारो बार चुम्मा लिया। फिर मेरी 36















