इतना कहकर मैं स्वीच बोर्ड के पास पहुंचा और दुकान की लाईट जला दिया। मैं बती जलाने के बाद उस औरत की तरफ मुड़कर देखने लगी।वह एक पुष्ट शरीर की औरत थी और वह लगभग बसी से अधिक उम्र की थी। वह देखने में बहुत प्यासी लग रही थी और उसकी बड़ी एवं मांसलदार चुचियां ब्लाऊज के कैद से आजाद होने के लिए फड़फड़ा रही थी। मैं उस औरत को वह सामान दिखने लगा जो वह लेने के लिए दुकान पर आई थी।वह अपनी जरूरत के सामान को छांट ली और सारे समान का भुगतान कर दी। मैं समूचे सामान को एक डिब्बा में पैक कर दिया। और वह सामान लेकर बाहर निकल गई। उस जवान युवती के बाहर निकलते ही मैं पुनः बती को बुझा दिया और दुकान के बाहर निकलने लगा.तभी वह पुन: दुकान में प्रवेश की और बोली- सौरी डू डिस्टर्व यू यानि तकलीफ देने के लिए क्षमा चाहती हूं। बट आइ फॉरगेट माई पर्सदी काउण्टर यानि में अपना पर्स काउण्टर पर ही भूल गई।सौरी मैडम? XXX Hindi वह एक अजभरी नजरों से मुस्काते हुए मुझ से पूछी।सवाल पर सकपका गया। मैं नहीं चाहता था कि मेरे मालिक की बीबी जान जाय की दुकान में किसी औरत को चोदा है। मैं हकलाते हुए बोला ओ मैडम मैं उसे जरा भी नहीं जानता यहां तक मैंने पहले कभी नहीं देखा है।तुम सरासर















