आआह्ह्ह्हह………. माधरचोद………. XXX Hindi आराम से………. (दिशा मेरी बेहेन का नाम है.)मुझे माँ के मुँह से गालिया सुनना बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उन्हें कहा आपके मुँह से गालिया सुनना बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा गाली देकर सेक्स करने में बहुत मजा आता है। मैंने उन्हें कहा आपके मुँह से गालिया सुनना बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा गाली देकर सेक्स करने में बहुत मजा आता है। जब मैंने घडी की तरफ देखा तो रात के १ बज रहे थे।मैंने माँ से कहा ” माँ चलो अब सो जाते है बहुत रात हो गयी है.”माँ “ठीक है, मेरी पेंटी और ब्रा कहा है.”मैंने कहा “ऐसे ही सो जाओ माँ सुबह दूसरी पहन लेना।”माँ ने कुछ नहीं कहा सिर्फ मेरी तरफ देखकर नॉटी वाली स्माइल दी। फिर हम दोनों नंगे ही सो गए एक दूसरे से चिपक कर। सुबह मेरी नींद ९ बजे खुली जब मैंने बेड पर देखा तो सिर्फ मै नंगे था और माँ नहीं थी रूम में। मै नंगे ही उठ कर सीधा किचन में गया। वहा माँ नाश्ता बना रही थी। माँ सुबह नाहा धोकर नयी साड़ी पहनी थी।मै जाकर उनसे चिपक गया और बोलै ” माँ कपडे क्यों पहन लिए.”माँ बोली ” तो फिर क्या मै नंगे रहु घर में.”मै ” और नहीं तो क्या , जब तक मै रहुगा हम दोनों घर में नंगे ही















