मैं आपको ही वहा ढूंढ रहा था।”“अच्छा पर क्यों?”“मैंने कहा जब मैने आपको १० दिन पहले देखा था पहली बार उसी दिन आप मुझे बहुत अच्छी लगी। इस लिए बार बार मेरी नजर आपको देखती थी उधर।”वो मेरी इस बात को बहुत ध्यान से सुन रही थी। और बोली, “अच्छा अपना नंबर दो मेरे हसबैंड ने मांगा है। वो आपको कॉल करेंगे और आपकी सर्विसेज के बारे में पूछेंगे।”मैने उसे अपना नंबर दिया। वो बाय बोलकर चली गई। दो घंटे के बाद मुझे व्हाट्सएप पे एक मैसेज आया और उसने बताया की वो जया है। फिर हमारी बाते हुई काफी। उसने सब कुछ पूछना शुरू कर दिया। फिर वो पर्सनल भी हो गई. हिंदी XXX और फिर मैं बैठ गया और बोला, “जी कहिए?”वो बोली, “तुम यहाँ रोज लंच करने आते हो?”मैं बोला, “जी हा।”“क्या काम करते हो?”मैंने अपने बारे में बताया उसने बहुत कुछ पूछा और मैने सबका जवाब दिया।फिर वो बोली, “एक बात बताओ। तुम जब तक यह बैठते हो तो मेरे घर की बालकनी में क्या देखते हो। कुछ चुराने का इरादा है क्या।?”मैंने कहा, “अरे नही ऐसा नही है बस ऐसे ही नजर चली जाती है।”मैं तो बस उसे देख कर नजरो से नज़रे मिला कर बाते कर रहा था। और उसकी पूरी बॉडी को ध्यान से देख कर फील कर रहा था। वो मेरे सामने थी बस एक मीटर















