हमममम अहह्ह्ह्हह.. हूँ… हूँ. हिंदी XXX इस तरह से संध्या की चुदाई आजतक किसी ने नही की थी। मैं जल्दी जल्दी उस काले मोटे डिलडो को उनकी चूत में अंदर डालने लगा और फेटने लगा।वो तडप गयी। दूसरा डिलडो उसकी गांड में पहले से मौजूद था। कुछ देर बाद मैंने चूत से डिलडो निकाल लिया और अपना ९ इंची लंड संध्या के भोसड़े में डाल दिया और उसको ४० मिनट तक अपने असली लंड से चोदा। संध्या की माँ चुद गयी। “निखिल भईया!! छोड़ दो मैं मर जाउंगी!” संध्या रो रोकर कहने लगी पर मैंने उसको ४० मिनट तक अपने लंड से चोदा और माल उसकी बुर में ही गिरा दिया। एक बार फिर से मैंने उस काले आर्टिफिशियल लौड़े को संध्या के भोसड़े में डाल दिया और करीब एक घंटे तक उसको डिलडो से चोदता रहा। फिर मैंने संध्या की गांड मारी।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- और आज मैं चाहता हूँ की मैं वो सब तुम्हारे साथ करू!!” मैंने कहा.“मैंने ऐसा क्यों करुँगी?” संध्या बोली.“…क्यूंकि इसमें बहुत मजा मिलता है!! आज तो तुमने मुझे जन्नत दिखा दी!!” संध्या ने कबुल किया। उस १० हजार के रूपए के वाईब्रेटर ने अपना कमाल दिखाया।संध्या को बहुत नशीली उतेज्जना होने लगी। बार बार उसकी गांड, जांघे और घुटने खुलते और बंद हो जाते, वो बार कुर्सी से उपर उठ जाती और बार बार हा हा…















