भारत की गर्म रातों में जंगली प्यार और उत्तेजक रोमांस

जीतेन्द्र भैया सारा कपड़ा खोलते हुए नंगे हो गए और माँ को वही बेड पर लिटा दिया. XXX Hindi अंदर से मुझे चूड़ियों की आवाज आ रही थी. की पापा कुछ गलत करवा रहे है मम्मी के साथ. मैं तुरंत ही भाग कर बाहर गई. मैंने सब कुछ नोटिस करना शुरू की, मम्मी कभी सोने की अंगूठी खरीदती कभी चेन खरीदती.मुझे लगा की जरूर कुछ गड़बड़ है. ऐसा ही चलता रहा. बताओ मैं अभी लेके आता हु, मम्मी गुस्से से बोली भागो यहाँ से. पर मैं समझ नहीं पाई. मैंने सब कुछ नोटिस करना शुरू की, मम्मी कभी सोने की अंगूठी खरीदती कभी चेन खरीदती.मुझे लगा की जरूर कुछ गड़बड़ है. फिर मम्मी एक छोटा सा बेग लेके जा रही थी. मैं तुरंत ही भाग कर बाहर गई. उनकी चूड़ियां टूट रही थी, और वो जोर जोर से चोद रहा था. अंदर से मुझे चूड़ियों की आवाज आ रही थी. दोस्तों मैं दूकान से वापस आ गई पर दरवाजा वैसे ही बंद था, पापा वही बाहर घूम रहे थे.मैंने कहा क्यों पापा आप बाहर हो. वो मेरे पापा के कंधे पर हाथ रख कर बोले, थैंक्स. और फिर दोनों खड़े हो गए.और जीतेन्द्र भैया शर्ट का बटन लगाते हुए दरवाजा खोले, मेरे पापा तभी जीतेन्द्र भैया से पूछे कैसा रहा, तो वो बोले मस्त.

भारत की गर्म रातों में जंगली प्यार और उत्तेजक रोमांस

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