माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. हिंदी XXX माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. मर गयी……मैं तो आजजजजज!!” सुधा किसी रंडी की तरह चिल्लाई और सेक्स और वासना के नशे में अपनी आँखे बंद करके ही बोली। मनीष की नजर सुधा के नंगे जिस्म पर पड़ी। १ जोड़ी सुंदर पाँव और उनकी गोल मटोल फूली फूली १० उँगलियाँ, मनीष का तो माथा ही घूम गया।मनीष ने सब कुछ छोड़ के उसके खूबसूरत पावों को चूम लिया। सुधा की टाँगे बड़ी की चिकनी, चमकदार और गोरी थी। मनीष ने उसकी दोनों टांगों को बारी बारी कई बार चूमा। सुधा उसे रोकने लगी, पर मनीष चूत का भूखा कहाँ रुकने वाला था। वो मेरी दोनों बिस्तर पर गुत्थम गुत्था होने लगे।मनीष अब मेरी खूबसूरत बीबी की चूत कई बार पी चुका था। अब उसने अपनी २ बीच वाली लम्बी उँगलियाँ सुधा के भोसड़े में डाल थी और चूत में ऊँगली करने लगा। मेरी चुदक्कड़ बीबी सुधा मचल गयी और“….उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. मैं बेडरूम का जाला साफ़ कर रही हूँ। मकड़ियों ने कितना जाला लगा दिया है। आप प्लीस मुझे अपनी गोद में उठा लो तो मैंने आराम से छत के कोने तक पहुच जाउंगी और बेडरूम का जाला साफ़ हो जाएगा!!” मेरी चुदक्कड़ बीबी सुधा बोली। मेरा दोस्त मनीष हसने लगा। उसके तो दिल में जैसे लड्डू ही फूट रहे थे।मेरी बीबी सुधा ने एक बड़ी















